बहराइच । वन प्रभाग बहराइच के तत्वावधान में कैसरगंज रेंज अन्तर्गत शनिवार को घाघराघाट पर घाघरा नदी में 40 घड़ियालों का विमोचन किया गया। यह घड़ियाल कुकरैल घड़ियाल प्रजनन केन्द्र लखनऊ से लाये गये थे। घड़ियालों के आयु 03 वर्ष की है जिसमें कुल 06 नर एवं 34 मादा घड़ियाल विमोचित किये गये है। यह कार्यक्रम प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच मनीष सिंह के कुशल निर्देशन में सफलता पूर्वक सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर सौरभ गंगवार आईएएस, नानपारा सूरज पटेल आईएएस, प्रशिक्षु आईएफएस डोवरिया चिन्तन प्रभुभाई, बहराइच वन प्रभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डीएफओ बहराइच श्री सिंह ने बताया कि घड़ियाल तराई क्षेत्र के जलीय पारिस्थितिक तंत्र का एक महत्वपूर्ण जीव होने के साथ एक इन्डीकेटर प्रजाति भी है जिसकी उपस्थिति जल की शुद्धता का सूचक है। घड़ियाल केवल स्वच्छ पानी में ही पास करते है। विगत वर्षो में राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रदूषण की समस्या बढ़ने के साथ-साथ घड़ियालों की संख्या में कमी आ गयी है। वर्तमान में घड़ियाल का अस्तित्व खतरे में है घड़ियालों की संख्या पुर्नस्थापित करने के उद्देश्य से कुकरैल घड़ियाल प्रजनन की स्थापना वर्ष 1978 में की गयी थी। कुकरैल घड़ियाल प्रजनन केन्द्र से तीन वर्षीय घड़ियाल के बच्चे प्रदेश के विभिन्न वन प्रभागों कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग, सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग मेरठ, बाराबंकी, अयोध्या इत्यादि वन प्रभागों में छोड़े जाते है। घड़ियाल मुख्य रूप से मंशाहारी जीव है जो मछली का शिकार करता है घड़ियाल मनुष्य पर हमला नही करते है तथा इनकी उपस्थिति से मुनष्य को कोई खतरा नही होता है।


0 Comments
कमेन्ट पालिसी
नोट-अपने वास्तविक नाम व सम्बन्धित आर्टिकल से रिलेटेड कमेन्ट ही करे। नाइस,थैक्स,अवेसम जैसे शार्ट कमेन्ट का प्रयोग न करे। कमेन्ट सेक्शन में किसी भी प्रकार का लिंक डालने की कोशिश ना करे। कमेन्ट बॉक्स में किसी भी प्रकार के अभद्र भाषा का प्रयोग न करे । यदि आप कमेन्ट पालिसी के नियमो का प्रयोग नही करेगें तो ऐसे में आपका कमेन्ट स्पैम समझ कर डिलेट कर दिया जायेगा।