उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा-परसपुर शिक्षक प्रतिनिधि कार्यकारिणी बैठक

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गोण्डा आज पूर्व मा. वि. परसपुर प्रथम के प्रांगण में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा – परसपुर जनपद – गोण्डा के कार्यकारिणी की बैठक आहूत की गयी। बैठक की अध्यक्षता श्री इन्द्र प्रताप सिहं अध्यक्ष उ0प्र0प्रा0शि0संघ शाखा परसपुर एवं जनपदीय उपाध्यक्ष द्वारा की गई। बैठक में उ0प्र0प्रा0शि0संघ के जनपदीय कोषाध्यक्ष श्री दिनेश कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में प्रान्तीय संगठन के निर्देशन में प्राप्त तथा शासन को भेजे जाने वाले निम्न लिखित मांग पत्र के परिपेक्ष्य में विधिवत चर्चा की गई।1 अप्रैल 2005 के पूर्व शिक्षकों/कर्मचारियों हेतु लागू पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाये। कार्यरत शिक्षकों को उनके गृह जनपद एवं उनके गृह ब्लाक में अनुरोध पर ऐच्छिक स्थानान्तरण किए जाए। शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति A.C.P. का लाभ अनुमन्य किया जाए।राज्य़ कर्मचारियों की भांति कैशलेश चिकित्सा, अर्जित अवकाश तथा द्वितीय शनिवार का अवकाश प्रदान किया जाए।
संविलियन को निरस्त किया जाए तथा रिक्त पदों पर (प्रधानाध्यापक प्राथमिक स्तर तथा पूर्व मा. स्तर पर स.अ. के पदों पर)  पदोन्नति प्रदान की जाए।
विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं (चहारदीवारी, डेस्क बेंच, शुद्ध पेयजल तथा विघुतीकरण आदि) उपलब्ध कराया जाए, 1 दिसम्बर 2008 के पश्चात पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को क्रमशः रु 17140/- व 18150/- दिया जाए।
पूर्व में मिलने वाले परिवार नियोजन प्रोत्साहन भत्ता, नगर प्रतिकर भत्ता तथा मंहगाई भत्ता को बहाल किया जाए।60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मृतक शिक्षकों की ग्रेच्युटी प्रदान की जाए।सामूहिक बीमा की बीमित राशि की सीमा को बढ़ाकर 10,00,000 किया जाए तथा 2014 के पश्चात नियुक्त शिक्षकों के वेतन से बीमा प्रीमियम की कटौती की गई है तो उन्हें सामूहिक बीमा से आच्छादित किया जाए  अथवा कटौती की धनराशि ब्याज सहित वापस की जाए।
परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त सभी संविदा शिक्षकों जैसे शिक्षामित्रों, अनुदेशकों आदि को नियमित कर स्थायी शिक्षक बनाया जाए।
 वार्षिक प्रवृष्टि के मानक निर्धारित किए गये है। वे पूर्णतया अनुचित है। अतः इस शासनादेश को वापस लिया जाए।उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 पूर्णतया शिक्षक हितों के विपरीत है। इसे वापस लिया जाए।
परिषदीय विद्यालयों में कक्षा कक्ष के समानुपात में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए तथा प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक की नियुक्त की जाए।मृतक शिक्षकों के आश्रित योग्यता (वांछित) रखते है, उन्हें TET से छूट प्रदान कर शिक्षक के पद पर तत्काल नियुक्ति प्रदान की जाए तथा इण्टरमीडिएट अथवा स्नातक योग्यता रखने वाले मृतक शिक्षकों के आश्रितों को लिपिक के पद पर नियुक्त प्रदान की जाए। सभी मृतक शिक्षकों को 1 अप्रैल 2005 के पूर्व लागू पेंशन व्यवस्था के अन्तर्गत पारिवारिक पेंशन प्रदान की जाए।कोरोना महामारी में मृत शिक्षकों/शिक्षामित्रों/अनुदेशकों/कर्मचारियों को माननीय उच्च न्यायालय के सुझाव के अनुक्रम में एक करोंड़ रुपयें की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।आनलाइन कार्यों की अनिवार्यता पर रोक लगायी जाए क्योंकि विभाग द्वारा कोई भी लैपटाप/टैबलेट/मोबाइल फोन तथा इन्टरनेट उपलब्ध नही कराया गया है।मृतक शिक्षामित्रों/विशेष शिक्षकों/अनुदेशकों के आश्रितों को भी नौकरी प्रदान की जाए।परिषदीय विद्यालयों में लिपिक, अनुचर तथा चौकीदार की नियुक्ति  की जाए,परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को स्थायी करते हुए न्यूनतम मानदेय 10000/-  रु किया जाए।
                                                                        नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन अवशेष भुगतान तत्काल कराए जाएं।2011 में पदोन्नत प्राप्त शिक्षकों को चयन वेतनमान प्रदान किया जाए।जी0पी0एफ0 से आच्छादित शिक्षकों की जी0पी0एफ0 पासबुक पर प्रविष्टि अद्यतन करवाते हुए जारी किया जाए।
कम्पोजिट ग्रान्ट के तहत विभाग द्वारा प्रेषित धनराशि के सापेक्ष उपभोग हो जाने के उपरान्त बिना धनराशि के अन्य वित्तीय कार्य करायें जाने हेतु दबाब न बनाया जाए।
विद्यालय में विभाग द्वारा दिये गए संसाधन के सापेक्ष ही कार्य की अपेक्षा की जाय।विभाग में नीतिगत निर्णय के विपरीत मौखिक आदेश न देकर लिखित में आदेश जारी किए जाए। समस्त शिक्षकों के द्वारा ट्विटर आई0डी0 का निर्माण किया जाए तथा एक-दूसरे साथियों सहित शिक्षक प्रतिनिधियों को फालोंअप किया जाएं।शिक्षक-शिक्षिकाओं की मृतक की दशा/आकस्मिक दुर्घटना या बीमारी की दशा में उनके तत्कालिक सहयोग पर विचार/कोष का निर्माण किया जाए।संगठन के संघर्ष हेतु यथा धरना प्रदर्शन, अभिलेखीकरण, समय समय पर मीडिया विज्ञापन आदि हेतु कोष का निर्माण।महिला शिक्षिकाओं को संघ के प्रति जागरुक करने पर विचार। सभी साथी  संघ की उपयोगिता महिलाओं को समझाकर जागरुक करेंगे।
मानव सम्पदा पोर्टल पर कम्पोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक को बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक के पद पर दर्शाया गया है तथा प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक को भी सहायक अध्यापक दर्शाया गया है। अतः विभाग द्वारा वरिष्ठता निर्धारित कर दिए गए पद को मानव  सम्पदा पोर्टल पर अंकित कियासंघ की सदस्यता शुल्क समस्त शिक्षकों से प्राप्तकर उनकों रसीद उपलब्ध करायी जाए।शिक्षक के समस्याओं पर अध्यक्ष एवं मंत्री के द्वारा पत्र के माध्यम से अवगत कराते हुए निस्तारण कराया जाए।
प्रांतीय नेतृत्व द्वारा जारी उपरोक्त मांगपत्र एवं स्थानीय मांग के समस्त बिन्दुओं को मंत्री दुर्गा प्रसाद शर्मा जी के द्वारा कार्यकारिणी तथा शिक्षकों के समक्ष पढ़कर सुनाया गया जिसका सभी शिक्षकों के द्वारा ध्वनिमत से सहमति व्यक्त किया गया।
          इन्द्र प्रताप  सिंह जी ने कार्यकारिणी को सम्बोधित करते हुए सभी शिक्षकों को उत्साहित किया तथा ट्विटर आई डी बनाकर शिक्षकों की समस्याओं तथा प्रान्तीय व जनपदीय नेतृत्व के आह्वान पर अपनी सहभागिता प्रदर्शित कर अभियान को गति प्रदान करने हेतु प्रोत्साहित किया।
         बैठक को श्री उपेन्द्र कुमार सिंह, अमरजीत सिंह,राधेश्याम लहरी, श्रीमती भारती भौमिक,गंगाबख्श सिंह, राज बहादुर, श्रीनाथ पाण्डेय,गणेश प्रताप सिंह, राजेश कुमार द्विवेदी,राहुल पाण्डेय, विष्णु शंकर त्रिपाठी, अखण्ड प्रताप सिंह, कमाल मुहम्मद , धीरेन्द्र प्रताप सिंह, विपिन कुमार सिंह, राजेश तिवारी, देवेन्द्र शुक्ला, अनिल कुमार, रणजीत सिंह आदि शिक्षकों ने सम्बोधित किया तथा उपस्थित शिक्षकों को शिक्षक हित में निरन्तर संघर्ष करते रहने के लिए अभिप्रेरित किया।
            इन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि संगठन को बदौलत ही आज शिक्षकों को सम्मानजनक स्थान प्राप्त हुआ है। पंचम वेतनमान के लिए सरकार से संघर्ष से लेकर, मृत संवर्ग की बहाली आदि तक में संगठन ने आप सभी शिक्षकों के सहयोग से सफलता प्राप्त की है। यदि आप सभी शिक्षक  साथी एकजुटता से संगठन को निर्बाध सहयोग प्रदान करते रहे तो हमारी मांगो को सरकार /शासन को मानने के लिए विवश होना ही पड़ेगा।
           बैठक में पूर्व मा0शि0संघ परसपुर के ब्लाक अध्यक्ष नन्द कुमार सिंह, घनश्याम सिंह,तिलकराम वर्मा,  श्यामनाथ सिंह,जगन्नाथ सिंह (पूर्व ABRC), रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, जीतेन्द्र सिंह (कोषाध्यक्ष), गिरजाशंकर मिश्रा, साधन कुमार मिश्र, हरिकिशोर सिंह,सत्यव्रत सिंह,महेश प्रताप सिंह, उदयभान सिंह, बाबूराम, बृजेश पाण्डेय़, संदीप सिंह,  दीपक सिंह, अजय यादव, श्री राघवेन्द्र आर्या, सत्येन्द्र सिंह, कृष्ण मुरारी कौशल, राहुल सिंह आदि शिक्षक साथी उपस्थित रहें।

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