खांसी, जुकाम, बुखार ये मौसमी बीमारियां होती हैं. जैसे ही मौसम बदलता है ये बीमारियां जकड़ लेती हैं. इन्हें नार्मल फ्लू यानी इनफ्लुएंजा भी कहा जाता है. जुकाम, खांसी सिर में दर्द कर देते हैं. दिनभर थकान बनी रहती है. लोग बचाव के लिए तुरंत दवा खा लेते हैं.लेकिन एक बात हमेशा चर्चा में रहती है कि जुकाम हो तो तुरंत दवा बिल्कुल नहीं खानी चाहिए. इसके पीछे लोगोें का लॉजिक होता है कि जुकाम जम जाता है. इससे सिर में दर्द होने के अलावा साइनस जैसी गंभीर परेशानी भी हो सकती है।
ज़ुकाम आमतौर पर गंभीर नहीं होता और ठीक हो जाता है. हालांकि, जुकाम से जुड़ी कुछ जटिलताएं भी हो सकती हैं. जुकाम से जुड़ी कुछ जटिलताएं ये हैं:
शरीर में पानी की कमी
बैक्टीरिया से होने वाला न्यूमोनिया
सीने में रुकावट
मधुमेह और अस्थमा के मरीज़ों के दिल की धड़कन रुकना
सांस की नली में सूजन
ओटिटिस मीडिया (मध्य कान का संक्रमण)
गले का संक्रमण
तीव्र ब्रोंकाइटिस
सर्दी-जुकाम से अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के लक्षण बिगड़ सकते हैं
जुकाम से जुड़ी कुछ और बातें:
अगर आपको अक्सर जुकाम होता है, तो यह आपके शरीर में विटामिन सी की कमी का संकेत हो सकता है।
सर्दी-जुकाम होने पर खट्टी चीज़ें खाने से बचना चाहिए।
डेयरी प्रॉडक्ट्स जैसे दही और छाछ जैसी चीज़ें सर्दी को बढ़ा सकती हैं।
स्मोकिंग करने से इम्यूनिटी कमज़ोर होती है और फेफड़े भी कमज़ोर हो जाते हैं।
♦️खांसी की कई वजहें होती हैं, खांसी होने पर व्यक्ति को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है. खांसी के लिए कैमिस्ट से बिना किसी प्रिस्क्रिप्शन के दवा मिल जाती है, लेकिन अगर आप घरेलू उपाय के जरिए खांसी का इलाज ढूंढ़ रहे हैं तो पढ़ें
काली मिर्च खांसी में राम बाण औषधि–
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काली मिर्च के अंदर अनेक लाभकारी तत्व मौजूद होते हैं। सूखी और बलगम वाली दोनों प्रकार की खांसी हो जाने पर इसके आधा चम्मच चूर्ण को एक चम्मच शहद में मिलाकर रोजाना सेवन किया जाए तो काफी फायदा मिलता है| यह प्रयोग श्वास नली को साफ़ रखने के साथ-साथ गले की खराश को भी दूर करता है|
शहद का उपयोग कारगर–
सूखी खांसी से ग्रसित इंसान अगर सुबह और शाम एक चम्मच शहद को 1 गिलास देसी गाय के दूध के साथ सेवन करें तो इस समस्या को जल्दी दूर कर सकता है|
तुलसी के अनेक फायदे–
बता दें कि तुलसी के पत्तों के अंदर एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो सूखी खांसी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं| अगर सुबह खाली पेट 6 से 7 पत्तों को चबा लिया जाए या रोजाना तुलसी के पत्ते डालकर चाय का सेवन किया जाए तो काफी लाभकारी होता है|
अदरक करें खांसी को जड़ से खत्म–
आपने बच्चपन से ही बड़ों से अदरक वाली चाय पीने की बातों को सुना होगा| इसका सेवन खांसी को बिल्कुल जड़ से खत्म कर देता है, यह शरीर में कफ दोष को संतुलित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है| इसके प्रयोग के लिए आप अदरक के छोटे-छोटे 2 से 3 टुकड़े लेकर उसको एक गिलास पानी में उबाल लें और जब यह आधा रह जाए तो इसको पी लें|
प्याज का प्रयोग उत्तम उपाय–
खांसी को एक हफ्ते से ज्यादा हो जाने पर व्यक्ति को आधा चम्मच प्याज का रस निकालकर उसमें एक चम्मच शहद का मिश्रण करके सुबह और शाम सेवन करना चाहिये| यह प्रयोग सूखी खांसी में बहुत ही कारगर साबित हो सकता है|
महत्वपूर्ण औषधि है मुलेठी–
प्राकृतिक औषधि मुलेठी के अंदर एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, यह बलगम को फेफड़ों से निकालने के अलावा खांसी से सीने में होने वाले दर्द को भी दूर करते हैं| इसके प्रयोग के लिए आप मुलेठी की जड़ के 4 से 5 टुकड़े लेकर उसको एक गिलास पानी में उबाल लें और जब वह आधा का आधा रह जाए तो उसको पी लें| इस प्रयोग का रोजाना सेवन पुरानी खांसी को भी जड़ से खत्म कर देता है|
सेब का सिरका भी असरदार–
अगर आपको पता हो सेब का सिरका पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाए रखता है| परन्तु अगर आप सूखी खांसी से परेशान हैं तो 2 चम्मच सेब का सिरका 1 गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह और शाम सेवन कर सकते हैं|
♦️आज के समय में खांसी की समस्या छोटे से लेकर बड़े इंसान तक सभी को हो जाती है| अक्सर देखा जाता है कि थोड़ा सा मौसम बदल जाने से या फिर कुछ ठंडा-गर्म खा लेने से भी खांसी की समस्या होने का डर रहता है| अगर समय पर इसका उपचार न किया जाए तो इसकी वजह से गले में दर्द रहना शुरू हो जाता है।
काली मिर्च खांसी में राम बाण औषधि–
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काली मिर्च के अंदर अनेक लाभकारी तत्व मौजूद होते हैं। सूखी और बलगम वाली दोनों प्रकार की खांसी हो जाने पर इसके आधा चम्मच चूर्ण को एक चम्मच शहद में मिलाकर रोजाना सेवन किया जाए तो काफी फायदा मिलता है| यह प्रयोग श्वास नली को साफ़ रखने के साथ-साथ गले की खराश को भी दूर करता है|
शहद का उपयोग कारगर–
सूखी खांसी से ग्रसित इंसान अगर सुबह और शाम एक चम्मच शहद को 1 गिलास देसी गाय के दूध के साथ सेवन करें तो इस समस्या को जल्दी दूर कर सकता है|
तरल पदार्थ, दवा वाली मीठी गोलियां, खांसी की गोलियां, भाप के साथ दवा देने वाले उपकरण के इस्तेमाल और भाप वाले फ़व्वारे में नहाने से खांसी को कम करने में मदद मिल सकती है. खांसी की दवा से भी आराम मिल सकता है, लेकिन छह साल से कम उम्र के बच्चे को डॉक्टर की सलाह के बिना ऐसी दवा न दें.
डॉक्टर से तुरंत मिलें, अगर:
सांस अटके और बोलने में तकलीफ़ हो
सांस लेने में तकलीफ़ हो
कुछ निगलने में तकलीफ़ हो
बलगम में खून आए
रात में लगातार पसीना आए, बुखार हो और वज़न में कमी हो
डॉक्टर को दिखाएं, अगर:
100°F (38°C) या उससे ज़्यादा बुखार हो
खांसी के साथ पीला या हरा बलगम आए
घरघराहट हो
♦️ जुकाम से पीड़ित होने के कई कारण हो सकते हैं। मौसम में बदलाव होने पर कई लोगों को जुकाम हो जाती है, तो अनेक लोग अधिक ठण्डी चीज खाने, नमी युक्त वातावरण में रहने से भी जुकाम से ग्रस्त हो जाते हैं। आमतौर पर जुकाम होने पर लोग सीधे एलोपैथिक दवा का प्रयोग करते हैं, लेकिन आप जुकाम का इलाज घरेलू उपायों से भी कर सकते हैं।
एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच हल्दी पाउडर डालकर पिएं। इससे बंद नाक और गले की खराश में आराम मिलता है। नाक से पानी बहना (Behti naak) बंद हो जाता है।
जुकाम में तुलसी अमृत के समान फल देती है। खाँसी और जुकाम होने पर 5-7 पत्तियें को पीसकर पानी में डालकर काढ़ा बना लें। इस काढ़ा को पिएं।
नाक बंद होने पर तुलसी की मंजरियों को रुमाल में सूंघने से नाक खुल कर आराम मिलता है।
छोटे बच्चों में जुकाम हेने पर 6-7 बूंद अदरक एवं तुलसी का रस शहद में मिलाकर चटाएं। यह बंद नाक को खोलने और बहती नाक (Behti Naak) को रोकने दोनों में सहायक है।
मेथी और अलसी को 3-4 ग्राम की मात्रा में लेकर 1 गिलास पानी में उबालें। जब अच्छी तरह उबल जाए, तब इसकी 3-4 बूंद को दोनों नाक में डालें। इससे जुकाम में आराम मिलता है।
दस ग्राम हल्दी और दस ग्राम अजवायन को एक कप पानी में डालकर पकाएं। जब पानी आधा रह जाए, तब इसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाकर पिएं। इससे जुकाम में तुरंत आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम हो जाता है।
काली मिर्च के चूर्ण को शहद के साथ चाटने से जुकाम में आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम होता है।
आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण और एक चम्मच मिश्री मिलाकर एक गिलास गर्म दूध के साथ दिन में दो बार पिएं।
कफयुक्त खाँसी में दूध में अदरक उबालकर पिएं।
अदरक के रस में शहद मिलाकर चाटने से भी जुकाम में आराम मिलता है।
1-2 अदरक के छोटे-टुकड़े, 2 काली मिर्च, 4 लौंग और 5-7 तुलसी की ताजी पत्तियां पीसकर एक गिलास पानी में उबालें। जब यह उबलकर आधा गिलास रह जाए, तब इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं।
अदरक के छोटे-छोटे टुकड़ों को देसी घी में भूनकर दिन में 3-4 बार पीसकर खाएं। इससे नाक से पानी बहने (Behti Naak) की समस्या से आराम मिलता है..
♦️ सर्दी के इस मौसम में मौसम का बदलाव होने की वजह से लगभग हर व्यक्ति सर्दी-खांसी तथा जुकाम का शिकार हो जाता है। और इसका इंफेक्शन भी धीरे-धीरे उस व्यक्ति के घर के लोगों तथा घर के आसपास के सदस्यों को भी हो जाता है। खैर इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है, आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय बताएंगे जिसे आप घर पर ही करके बिल्कुल स्वस्थ हो सकते हैं और अपने परिवार को भी स्वस्थ रख सकते हैं।
हल्दी, दालचीनी और काली मिर्च का काढ़ा लें
हल्दी, दालचीनी और काली मिर्च तीनों को दरदरा कर लें और 2 कप पानी में पकाएं। ये पानी जब 1 कप हो जाए तो इस पानी का सेवन करें। ये एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हैं जो कि सर्द गर्म की समस्या में कारगर तरीके से काम कर सकता है।
सेब का सिरका का काढ़ा पिएं
1 बड़ा चम्मच सेब का सिरका, एक गिलास पानी में मिला कर पी लें। ये नेचुरल एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है। साथ ही ये आपके बॉडी के पीएच बैलेंस करने में भी मददगार है। इसके अलावा ये आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है जिससे आप किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से लड़ सकते हैं और अपने सर्दी-जुकाम को ठीक कर सकते हैं।
दूध मे शहद मिला कर पिएं
दूध मे शहद मिला कर पीना, सर्द गर्म का देसी उपाय है। इसके लिए आपको गर्म दूध लेना है और इसमें शहद मिला कर इसका सेवन करना है। ये तरीका, आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने और सर्दी-जुकाम को सही करने में मददगार है। तो, इन तमाम उपायों को अपनाएं और गर्मी में सर्द गर्म की समस्या से अपना बचाव करें।
♦️जुकाम से पीड़ित होने के कई कारण हो सकते हैं। मौसम में बदलाव होने पर कई लोगों को जुकाम हो जाती है, तो अनेक लोग अधिक ठण्डी चीज खाने, नमी युक्त वातावरण में रहने से भी जुकाम से ग्रस्त हो जाते हैं। आमतौर पर जुकाम होने पर लोग सीधे एलोपैथिक दवा का प्रयोग करते हैं, लेकिन आप जुकाम का इलाज घरेलू उपायों से भी कर सकते हैं।
एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच हल्दी पाउडर डालकर पिएं। इससे बंद नाक और गले की खराश में आराम मिलता है। नाक से पानी बहना (Behti naak) बंद हो जाता है।
जुकाम में तुलसी अमृत के समान फल देती है। खाँसी और जुकाम होने पर 5-7 पत्तियें को पीसकर पानी में डालकर काढ़ा बना लें। इस काढ़ा को पिएं।
नाक बंद होने पर तुलसी की मंजरियों को रुमाल में सूंघने से नाक खुल कर आराम मिलता है।
छोटे बच्चों में जुकाम हेने पर 6-7 बूंद अदरक एवं तुलसी का रस शहद में मिलाकर चटाएं। यह बंद नाक को खोलने और बहती नाक (Behti Naak) को रोकने दोनों में सहायक है।
मेथी और अलसी को 3-4 ग्राम की मात्रा में लेकर 1 गिलास पानी में उबालें। जब अच्छी तरह उबल जाए, तब इसकी 3-4 बूंद को दोनों नाक में डालें। इससे जुकाम में आराम मिलता है।
दस ग्राम हल्दी और दस ग्राम अजवायन को एक कप पानी में डालकर पकाएं। जब पानी आधा रह जाए, तब इसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाकर पिएं। इससे जुकाम में तुरंत आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम हो जाता है।
काली मिर्च के चूर्ण को शहद के साथ चाटने से जुकाम में आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम होता है।
आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण और एक चम्मच मिश्री मिलाकर एक गिलास गर्म दूध के साथ दिन में दो बार पिएं।
कफयुक्त खाँसी में दूध में अदरक उबालकर पिएं।
अदरक के रस में शहद मिलाकर चाटने से भी जुकाम में आराम मिलता है।
1-2 अदरक के छोटे-टुकड़े, 2 काली मिर्च, 4 लौंग और 5-7 तुलसी की ताजी पत्तियां पीसकर एक गिलास पानी में उबालें। जब यह उबलकर आधा गिलास रह जाए, तब इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं।
अदरक के छोटे-छोटे टुकड़ों को देसी घी में भूनकर दिन में 3-4 बार पीसकर खाएं। इससे नाक से पानी बहने (Behti Naak) की समस्या से आराम मिलता है


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