न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा ,बैंक में कार्यरत रहते हुए 23 वर्षों से चल रहा था खेला
गोंडा। न्यायालय के आदेश पर 23 सालों में इंडियन बैंक के प्रबंधक अधिकारी कर्मचारी सहित 69 लोगों पर तीन करोड़ 60लाख 16 हजार रुपए का गबन करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव पुत्र श्याम बहादुर श्रीवास्तव सचिव इण्डियन बैंक इम्पलाइज क्रेडिट को-आपरेटिव सोसायटी लिमिटेड निवासी पटेलनगर थाना कोतवाली नगर ने न्यायालय में एक वाद दायर किया जिस में कहा कि 69 लोग 23 वर्षों में बैंक में प्रबंधक से लेकर अधिकारी के पदों पर रहते हुए करोड़ों रुपए का गबन किया गया जिसमें अशोक कुमार पुत्र हेमराज प्रधान रोकड़िया श्रीमती मुन्नी देवी पत्नी शम्भू लाल पीटीएस विनोद कुमार दीक्षित पुत्र चन्द्रभान दीक्षित अधिकारी मूलचन्द्र पुत्र अम्मर पीसीएफ श्रीमती पार्वती देवी पत्नी पाटन दफ्तरी रवि प्रताप पुत्र राम अवतार एसडब्लूओ ए बृज किशोर सिंह पुत्र सीताराम सिंह पीसीएफ रामसुख पुत्र बाबूलाल पीसी एफ रामतीरफ पुत्र बाबूलाल पीसीएफ पंकज कुमार सिन्हा पुत्र पारसनाथ सिन्हा अधिकारी श्रीमती जय देवी पत्नी मनोहर वरिष्ठ प्रबन्धक इण्डियन बैंक प्रधान शाखा सहित 69 कर्मचारियों पर नगर कोतवाली में धोखाधडी का मुकदमा थाना कोतवाली नगर में दर्ज कराया गया है। तहरीर में कहा है कि सभी आरोपी इलाहाबाद बैंक प्रधान शाखा कार्यालयं गोण्डा मे वर्ष 1997 से वर्ष 2020 विभिन्न पदों पर रहते हुए काम किया है । इलाहाबाद बैंक का भारत सरकार के द्वारा वर्तमान में विलय इण्डियन बैंक में हो गया है।
अपने पद का दुरुपयोग करते हुये सम्पूर्ण धनराशि 3, तीन करोड़ 60, लाख 16,000 हजार रूपये का हेराफेरी करके गबन किया गया।गबन धनराशि की वापसी अपने अपने हिस्से की ब्याज समेत जमा करने के लिये लिखित अनुबन्ध सोसायटी मे प्रस्तुत किया गया,परन्तु उक्त अनुबन्ध का सभी आरोपियों ने टाल मटोल करते हुये उलंघन किया।22 दिसंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक जिलाधिकारी एवं मुख्य मंत्री को बीते एक जनवरी को शिकायत किया था। इस के बाद भी कोई कारवाही न होने पर न्यायालय में एक वाद दायर किया जिस में मुकदमा दर्ज करने का आदेश हो गया था। न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराने की कारवाही की गई है।व्याज सहित 4 करोड़ 90, लाख 08,373रूपये है।


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