पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष निर्मल श्रीवास्तव सहित दो को हत्या के प्रयास मामले में 15 वर्ष की जेल

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गोंडा।। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन निर्मल श्रीवास्तव व उसके साथी त्रियुगी नारायण गुप्ता को जिला सत्र न्यायालय ने हत्या के प्रयास के एक मुकदमे में 15-15 साल की सजा सुनाई है साल 2012 सितंबर में मोतीगंज के रहने वाले सुशील शुक्ला ने संबंधित थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें निर्मल श्रीवास्तव व उसके साथी द्वारा सुशील शुक्ला के भाई गौरव शुक्ला के ऊपर तमंचे से फायर किया गया था जिससे गौरव शुक्ला को गंभीर चोटें आई थी इस पर मोतीगंज थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय भेजी थी।
दिनांक 11.09.2012 को वादी सुशील पुत्र स्व0 परमेश्वर प्रसाद शुक्ला नि0 काजीदेवर थाना मोतीगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना मोतीगंज में लिखित तहरीर दी गयी कि दिनांक 10.09.2012 को विपक्षी निर्मल श्रीवास्तव व त्रियुगीनारायण गुप्ता द्वारा उनके भाई गौरव शुक्ल के ऊपर जान से मारने की नियत से तमंचे से फायर कर दिया था। जिससे उनके भाई को चोटे आयी है। जिनका ईलाज जिला अस्पताल गोण्डा में चल रहा है। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना मोतीगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमें मोतीगंज पुलिस द्वारा उक्त अभियुक्तगणों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। थाना स्थानीय पर तत्कालीन विवेचक द्वारा साक्ष्य संकलन व विवेचनात्मक कार्यवाही के उपरान्त अभियुक्त के विरूद्ध आरोप पत्र माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया।

श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 लखनऊ महोदय के आदेश के क्रम एवं श्रीमान पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरूद्ध माननीय न्यायालय द्वारा अधिकतम/त्वरित दंडात्मक कार्यवाही हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके क्रम में आज दिनांक 31.01.2026 को थाना मोतीगंज में पंजीकृत जानलेवा हमला सम्बन्धी अपराध में क्षेत्राधिकारी सदर सुश्री शिल्पा वर्मा व अभियोजक श्री बसन्त शुक्ला, थाना मोतीगंज की पैरोकार म0आ0 सारिका यादव व कोर्ट मोहर्रिर म0आ0 मनीषा के द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्री दुर्ग नारायण सिंह द्वारा अभियुक्तगण निर्मल श्रीवास्तव व त्रियुगीनारायण गुप्ता को दोषसिद्ध करते हुए 15-15 वर्ष का सश्रम कारावास व रूपये 50,000-50,000/- रू0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। 

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